Monday, 14 October 2019, 6:17 PM

धर्म-संस्कृति

उत्तम सत्य - सत्याचरण ही भगवान की पूजा 

Updated on 7 September, 2019, 6:30
सत्य का शब्दों मे वर्णन नहीं किया जा सकता। सत्य चित्त के अन्वेषण और अनुभूति का विषय है। सत्य को परमेश्वर कहा है। सत्य ही भगवान है। हम सत्य का अनुभव कर सकते हैं, उसका साक्षात्कार नहीं कर सकते हैं। सत्य को उपलब्ध किया जा सकता है, किन्तु उसका वर्णन... Read More

भारतीय धर्मों में सर्वोपरि गणेश उत्सव 

Updated on 7 September, 2019, 6:15
भारत त्योहार प्रधान, धार्मिक आस्था और भाईचारे की भावना प्रधान, आध्यात्मिक देश है। हर दिन, हर सप्ताह, हर महीने कोई न कोई व्रत, त्योहार यहाँ मनाया जाता है, जिसकी वजह से मनुष्य कुछ हद तक अपने पर नियंत्रण कर लेता, अंकुश लगा पाता, संयम रख लेता है। उसकी स्वयं की... Read More

 निर्णय में बदलाव पर नजर

Updated on 7 September, 2019, 6:00
लोगों के व्यवहार व कार्यो से या तो तुम सहमत होते हो या असहमत। परंतु इतना सदैव याद रखो कि सब कुछ परिवर्तनशील है। इसीलिए किसी भी निर्णय पर अड़े मत रहो वरना तुम्हारी धारणाएं चट्टान की तरह ठोस हो जाती हैं और तुम्हें व औरों को दु:खी करती हैं।... Read More

मुंबई में गणेशोत्सव की रौनक, देखें, सोने-चांदी से सजे श्री गणेश

Updated on 6 September, 2019, 6:45
मुंबई में श्री गणेश उत्सव की धूम और उत्साह चरम पर है। जीएसबी सेवा मंडल पंडाल में सबसे अमीर गणेश जी देखें जा सकते हैं। यहां सोने, चांदी के बेशकीमती आभूषणों में सजकर विराजे हैं विनायक, जिन्हें देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही हैं। ... Read More

मुंबई के प्रसिद्ध गणेश गली चा राजा

Updated on 6 September, 2019, 6:30
मुंबई में चारों तरफ गजानन श्री गणेश का पर्व उमंग से मनाया जा रहा है। मुंबई के प्रसिद्ध गणेश गली चा राजा की पूजा अर्चना का दौर भी जारी है। श्रद्धालुओं का तातां लगा है, देखें झलकियां ... Read More

राष्ट्रीयता का संदेश देता गणेशोत्सव

Updated on 6 September, 2019, 6:15
भारत त्योहारों का देश है और गणेश चतुर्थी उन्हीं त्योहारों में से एक है जिसे 10 दिनों तक बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। इस त्योहार को गणेशोत्सव या विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है। पूरे भारत में भगवान गणेश के जन्मदिन के इस उत्सव को उनके भक्त बेहद ही... Read More

पशुवध निंदनीय-दंडनीय कर्म

Updated on 6 September, 2019, 6:00
सतोगुण में किये गये पुण्यकर्मो का फल शुद्ध होता है, अतएव वे मुनिगण, जो समस्त मोह से मुक्त हैं, सुखी रहते हैं। लेकिन रजोगुण में किये गये कर्म दुख का कारण बनते है। भौतिक सुख के लिए जो भी कार्य किया जाता है, उसका विफल होना निश्चित है। उदाहरणार्थ, यदि... Read More

वाणी हमेशा अच्छी रहे 

Updated on 5 September, 2019, 7:00
हमारी वाणी भी जीवन में अहम भाव रखती है और यह बिगड़ जाये तो जीवन कष्टकारी होने में देर नहीं लगती, इसलिए अपनी वाणी हमेशा अच्छी होनी चाहिये। अगर ऐसा नहीं होता तो हमें विपरीन हालातों का सामना करना पड़ता है। कई बार ग्रह दशा से भी वाणी खराब हो... Read More

राशि के अनुरुप कपड़े पहनने से मिलेगी ज्यादा सफलता 

Updated on 5 September, 2019, 6:15
अगर आप अपनी राशि के अनुसार कपड़े पहनते हैं तो आपकी सफलता की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। हर रंग हर राशि के अनुरुप नहीं होता। इसलिए कई बार राशि के विपरीत परिधानों से हमें नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार देखा जाता है कि नये कपड़े मन में उत्साह जगाने... Read More

सुखमय जीवन के लिए वास्तु के अनुसार रहे श्यनकक्ष 

Updated on 5 September, 2019, 6:15
विवाहित जीवन में सभी सुख की कामना करते हैं पर कई बार धन संपदा और सारे वैभव होते हुए भी नवविवाहित दम्पति के बीच में तालमेल नहीं बैठ पाता और अलगाव तक की नौबत आ जाती है। ऐसे में एक देखना चाहिये कि कहीं कोई वास्तु दोष तो नहीं है।... Read More

भगवान गणेश को नहीं चढ़ती तुलसी  

Updated on 5 September, 2019, 6:00
भगवान गणेश की पूजा में कभी भी तुलसी का इस्तेमाल नहीं होता। पद्मपुराण आचाररत्न में भी लिखा है कि ‘न तुलस्या गणाधिपम’ अर्थात् तुलसी से गणेश जी की पूजा कभी न करें। इसके पीछे भी पौराणिक कथा है। गणेश जी ब्रह्मचारी रहना चाहते थे, पर उन्हें तुलसी के कारण ही... Read More

नदियों के तट पर बसे हिन्दुओं के प्रमुख तीर्थ, जरूर जाएं दर्शन करने

Updated on 4 September, 2019, 6:45
हिन्दुओं के तीर्थ, मठ और प्रमुख मंदिर नदियों के तट पर बसे हुए हैं। पहाड़ों में खासकर शक्तिपीठ और गुफा आश्रमों की संख्या ही अधिक है। आओ जानते हैं नदी के तट पर बसे हिन्दुओं के प्रमुख तीर्थों के नाम। 1.श्रृंगेरी शारदाबा मंदिर मंठ : कर्नाटक की तुंगा नदी के किनारे... Read More

गणपति पर्व से जुड़ा देश के स्वराज का गर्व

Updated on 4 September, 2019, 6:15
गणपति हिन्दुओं के आदि आराध्य देव होने के साथ-साथ प्रथम पूज्यनीय भी हैं। किसी भी तरह के धार्मिक उत्सव, यज्ञ, पूजन, सत्कर्म या फिर वैवाहिक कार्यक्रमों में सभी के निर्विघ्न रूप से पूर्ण होने की कामना के लिए विघ्नहर्ता हैं और एक तरह से शुभता के प्रतीक भी। ऐसे आयोजनों... Read More

एकता में भाषा भी अवरोध

Updated on 4 September, 2019, 6:00
भाषा, जो दूसरों तक अपने विचारों को पहुंचाने का माध्यम है, उसे भी राष्ट्रीय एकता के सामने समस्या बनाकर खड़ा कर दिया जाता है. अपनी भाषा के प्रति आकषर्ण होना अस्वाभाविक नहीं है और मातृभाषा व्यक्ति के बौद्धिक विकास का सशक्त माध्यम बन सकती है, इसमें कोई संदेह नहीं. पर... Read More

अनादि देवता हैं श्री गणेश 

Updated on 3 September, 2019, 6:15
शिवपार्वती ने भी विवाह के समय गणेश वंदना की थी  मुनि अनुसासन गणपतिहि पूजेऊ संभु-भवानी  कोई सुनै संसय करें। जबि सुर अनादि जियँ जानि।   रामचरित मानस के बालकाण्ड का यह दोहा है। इसमें यह वर्णित है कि मुनियों की आज्ञा सुनकर शिव पार्वती ने प्रथम पूज्य गणेश जी की पूजा की। यह... Read More

 राष्ट्रीय एकता में बाधक तत्व 

Updated on 3 September, 2019, 6:00
आर्थिक और सामाजिक असमानता राष्ट्रीय एकता में बहुत बड़ी बाधा है। उस असमानता का मूल है अहं और स्वार्थ। इसलिए राष्ट्र की भावात्मक एकता के लिए अहं-विसर्जन और स्वार्थ-विसर्जन को मैं बहुत महत्व देता हूं। जातीय असमानता भी राष्ट्रीय एकता का बहुत बड़ा विघ्न है। उसका भी मूल कारण अहं... Read More

गणेश शुभकर्ता हैं,पूज्य हैं व अनिष्टनाशक हैं 

Updated on 2 September, 2019, 6:45
गणपति आदिदेव हैं जिन्होंने हर युग में अलग अवतार लिया है। उनकी शारीरिक संरचना में भी विशिष्ट व गहरा अर्थ निहित है। शिवमानस पूजा में श्री गणेश को प्रणव (ॐ) कहा गया है। इस एकाक्षर ब्रह्म में ऊपर वाला भाग गणेश का मस्तक, नीचे का भाग उदर, चंद्रबिंदु लड्डू और... Read More

मन की शक्ति 

Updated on 2 September, 2019, 6:00
मन को जीवन का केंद्रबिंदु कहना असंभव नहीं है। मनुष्य की प्रियाओं, आचरणों का प्रारंभ मन से ही होता है। मन तरह-तरह के संकल्प, कल्पनाएं करता है। जिस ओर उसका रुझान हो जाता है उसी ओर मनुष्य की सारी गतिविधियां चल पड़ती है। जैसी कल्पना हो उसी के अनुरूप प्रयास-पुरुषार्थ... Read More

माता पार्वती जब शिशु गणेश को छोड़ आई जंगल में, पढ़िए पौराणिक कथा

Updated on 1 September, 2019, 6:15
कहते हैं कि एक घने जंगल में शिशु गणेश को माता पार्वती छोड़कर चली गई। उस जंगल में हिंसक जीव ही घूमते रहते थे। वहां कभी कभार ऋषि मुनि भी उस जंगल से गुजरते थे। उस भयानक जंगल में एक सियार ने उस शिशु को देखा और वह उसके पास... Read More

कर्त्तव्य को बनाएं सर्वोपरि लक्ष्य 

Updated on 1 September, 2019, 6:00
अध्यापक ने विद्यार्थियों से पूछा- ‘रामायण और महाभारत में क्या अंतर है?’ विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी समझ के अनुसार उत्तर दिए। अध्यापक को संतोष नहीं हुआ। एक विद्यार्थी ने अनुरोध किया- ‘आप ही बताइए’ अध्यापक बोला-रामायण और महाभारत में सबसे बड़ा अंतर है ‘हक-हकूक’ का। रामायण में राम ने अपना अधिकार... Read More

दक्ष प्रजापति क्यों नहीं चाहते थे कि सती का विवाह शिव से हो, पढ़िये 2 पौराणिक कथा

Updated on 31 August, 2019, 6:30
पुराणों के अनुसार दक्ष प्रजापति परमपिता ब्रह्मा के पुत्र थे, जो कश्मीर घाटी के हिमालय क्षेत्र में रहते थे। प्रजापति दक्ष की दो पत्नियां थीं- प्रसूति और वीरणी। प्रसूति से दक्ष की 24 कन्याएं थीं और वीरणी से 60 कन्याएं। इस तरह दक्ष की 84 पुत्रियां थीं। समस्त दैत्य, गंधर्व,... Read More

ईसाई और इस्लाम से पहले धरती पर ये 15 धर्म प्रचलित थे, जो जुड़े हैं हिन्दुत्व से

Updated on 31 August, 2019, 6:15
प्रारंभ में लोग जंगली जीवन यापन करते थे। धर्म के नाम पर हजारों धर्म धर्म ऐसे थे जिनमें प्रकृति, पूर्वजों और कई काल्पिनिक देवों की पूजा करते थे। हर कबीले या समूदाय का अपना अलग देव था। लेकिन जैसे जैसे समझ बढ़ी तो धर्म का विकास होने लगा। नियम बनने... Read More

साधना और सुविधा 

Updated on 31 August, 2019, 6:00
आसक्ति के पथ पर आगे बढ़ने वाले अपनी आकांक्षाओं को विस्तार देते हैं। उनकी इच्छाओं का इतना विस्तार हो जाता है, जहां से लौटना संभव नहीं है। उस विस्तार में व्यक्ति का अस्तित्व विलीन हो जाता है। फिर वह अपने लिए नहीं जीता। उसके जीवन का आधार पदार्थ बन जाता... Read More

भारत के 11 बड़े आश्रम, जहां जाने के लिए मरते हैं विदेशी

Updated on 30 August, 2019, 6:15
इस वक्त दुनियाभार में लोग हिन्दू धर्म के ध्यान, ज्ञान और योग के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। वे सुख, शांति और मोक्ष की तलाश में भारत आ रहे हैं। अमेरिका, योरप, रशिया, अरब और अफ्रीका के लाखों लोग प्रतिवर्ष भारत के प्रमुक आश्रमों में आते हैं और शांति और... Read More

 प्रेम और सहयोग का नाम है परिवार  

Updated on 30 August, 2019, 6:00
पारिवारिक सदस्यों के त्याग, सहयोग, स्वच्छता, प्रेम, संतुष्टि व व्यसनमुक्ति से ही परिवार संयुक्त और समृद्घिशाली बनता है। वे सौभाग्यशाली हैं जो संयुक्त परिवार में रह रहे हैं तथा जिन्हें माता -पिता का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है। विश्व बंधुत्व की बात करने वालों को पहले अपने परिवार में बंधुत्व... Read More

कर्म के पाप-पुण्य में फंस जाता है जीव  

Updated on 29 August, 2019, 7:15
ईश्वर क्षेत्रज्ञ या चेतन है, जैसा कि जीव भी है, लेकिन जीव केवल अपने शरीर के प्रति सचेत रहता है, जबकि भगवान समस्त शरीरों के प्रति सचेत रहते हैं। चूंकि वे प्रत्येक जीव के हृदय में वास करने वाले हैं, अतएव वे जीवविशेष की मानसिक गतिशीलता से परिचित रहते हैं।... Read More

अग्नि तत्व से जुड़ीं राशि वाले होते हैं ऊर्जावान  

Updated on 29 August, 2019, 7:00
आमतौर पर देखा जाये तो किसी भी मनुष्य के स्वभाव पर उसकी राशियों का बेहद प्रभाव पड़ता है।  ज्योतिष में तीन राशियां अग्नि तत्व की राशियां मानी जाती हैं। ये राशियां हैं - मेष सिंह और धनु। इन राशियों के अंदर ऊर्जा और अग्नि काफी मात्रा में होती है। इन राशियों... Read More

विघ्नहर्ता गजानन की पूजा से दूरे होते हैं वास्तुदोष  

Updated on 29 August, 2019, 6:45
वास्तु दोष से मुक्त सुन्दर व अच्छा घर बनाना या उसमें रहना हर व्यक्ति की इच्छा होती है पर थोड़ा सा भी वास्तु दोष आपको काफी कष्ट दे सकता है लेकिन वास्तु दोष निवारण के महंगे उपायों को अपनाने से पहले विघ्नहर्ता गजानन के आगे मस्तक जरूर टेक लें क्योंकि... Read More

कुंडली दोष के लिए करें ये उपाय  

Updated on 29 August, 2019, 6:30
अगर आपकी कुंडली में किसी प्रकार का दोष है तो शुक्रवार को किए गए कुछ उपाय दोष से छुटकारा दिला सकते हैं। कुंडली में शुक्र अशुभ हो, तो वैवाहिक जीवन में सुख नहीं मिल पाता है। यहां जानिए कुछ ऐसे उपाय जो शुक्रवार को करना चाहिए, जिनसे लक्ष्मी कृपा मिल... Read More

12 अमावस्या के नाम और सावधानियां

Updated on 28 August, 2019, 6:45
चन्द्रमा की 16वीं कला को 'अमा' कहा गया है जिसमें चन्द्रमा की 16 कलाओं की शक्ति शामिल है। अमा के अनेक नाम आए हैं, जैसे अमावस्या, सूर्य-चन्द्र संगम, पंचदशी, अमावसी, अमावासी या अमामासी। अमावस्या के दिन चन्द्र नहीं दिखाई देता अर्थात जिसका क्षय और उदय नहीं होता है उसे अमावस्या कहा... Read More