Wednesday, 22 May 2019, 7:11 AM

किस्से

उस डेढ़ पसली में अब वो बात कहां

Updated on 13 November, 2017, 12:12
आदमी जब फिसलता है तो खुद के शरीर का बोझ ही उसे पटक देता है। अखाड़ों में बड़े बड़े सूरमाओं को जो देंह पछाड़ देती है अटके वक्त में वही स्वयं की दुश्मन बन जाती है। कल तक जो खूबियां थी आज वही मजाक बना देती हैं। सार्वजनिक जीवन में... Read More

"भविष्य सुरक्षित,वर्तमान तनावग्रस्त "

Updated on 11 November, 2017, 12:41
व्यस्तता भरे दिनों में कार्यों का निष्पादन कर पाना मुश्किल जरूर होता है परन्तु कार्य पूर्ण होने के बाद की अनुभूति बहुत ही सुखद होती है। यकीन न हो तो स्वयं के बारे में सोच कर महसूस कर सकते है कि आप अपने कार्यों का सफलतापूर्वक निष्पादन के पश्चात जब... Read More

तुम्हीं ने दर्द दिया है तुम्हीं दवा देना

Updated on 7 November, 2017, 13:21
दो मसले मुझे हमेशा बहुत परेशान करते हैं। एक डाक्टरों की पर्ची और दूसरी बड़ी अदालतों के फैसलों की इबारत। मैं अँग्रेजी माध्यम से विग्यान का स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधिधारी हूँ जब मैं असहज और परेशान हो जाता हूँ तो उन लोगों की क्या कहिए जिन्हें पढाई के समय एबीसीडी... Read More

फिर भी जलती रहेगी लोहिया के विचारों की मशाल

Updated on 13 October, 2017, 12:55
राजनीति ऐसा तिलस्म है कभी सपनों को यथार्थ में बदल देता है तो कभी यथार्थ को काँच की तरह चूर चूर कर देता है। काँग्रेसमुक्त भारत की सोच डाक्टर राममनोहर लोहिया की थी। आज देश लगभग कांग्रेस मुक्त है पर लोहिया मुखपृष्ठ पर नहीं हैं। 12 अक्टूबर को लोहिया जी... Read More

अपने लिये नहीं परिजन के लिये करें सुरक्षित ड्राइव

Updated on 5 September, 2017, 12:54
रोजमर्रा की भाग दौड़ भरी जिन्दगी में जीने के लिये लोगों ने रफ्तार का सहारा ले रखा है। इसमें वे यह भूल जाते हैं कि हमारे पीछे भी कोई है। हम बात कर रहे हैं उन लोगों की जो तेज गति से वाहन चलाकर काल के गाल में समा जाते... Read More

रूपए की इज्जत का सवाल है बाबा

Updated on 2 September, 2017, 12:16
जब जब रुपया धड़ाम से नीचे गिरता है तो अपने देश के स्वयंभू अर्थशास्त्रियों के बीच हाहाकार मच जाता है। तेजडिय़ों, मंदडिय़ों के चेहरे सूखने लगते हैं। शेयर बाजार में सेनसेक्स और निफ्टीे हार्टअटैक नापने की मशीन के कांटे की तरह ऊपर-नीचे होने लगते हैं। हाल फिलहाल ऐसा ही कुछ... Read More

मुल्ला का प्रवचन

Updated on 1 March, 2017, 13:49
एक बार मुल्ला नसरुदीन को प्रवचन देने के लिए आमंत्रित किया गया . मुल्ला समय से पहुंचे और स्टेज पर चढ़ गए , “ क्या आप जानते हैं मैं क्या बताने वाला हूँ ? मुल्ला ने पूछा . “नहीं ” बैठे हुए लोगों ने जवाब दिया . यह सुन मुल्ला नाराज़ हो... Read More

बर्थडे स्पेशलः पाकिस्तान में पैदा हुए भगत सिंह की 10 अनकही बातें

Updated on 28 September, 2016, 13:40
शहीद-ए-आजम भगत सिंह का आज 110वां जन्मदिवस है। इस मौके पर आइए आपको बताते हैं, उनके जीवन से जुड़ी 10 अनकहीं बातें। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के लायलपुर जिले (अब पाकिस्‍तान) के बंगा गांव में एक सिख परिवार में हुआ था। हालांकि... Read More

इकलौता अंग्रेज जिसने रानी लक्ष्मीबाई को देखा...हैरान होकर बोला कि…!

Updated on 5 June, 2016, 11:24
भारतीय परंपराएं थीं या इत्तेफाक कि रानी लक्ष्मीबाई को रूबरू देखने का सौभाग्य बस एक गोरे आदमी को मिला। अंग्रेजों के खिलाफ जिंदगी भर जंग लड़ने वालीं और जंग के मैदान में ही लड़ते-लड़ते जान देने वालीं झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को बस एक अंग्रेज ने देखा था। ये अंग्रेज... Read More

जब गांधी जी की हो गई थी बोलती बंद, कांपने लगे थे हाथ-पैर...

Updated on 21 May, 2016, 17:24
बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि अपने शुरुआती समय में राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी बेहद शर्मीले स्‍वभाव के थे, वे न केवल दूसरों से बात करने में बल्‍कि कुछ कहने, आने-जाने में भी संकोच करते थे। गांधी जी का अध्‍ययन काफी था और वे कई किताबों के जरिये लगातार नित्... Read More

इस भारतीय योद्धा के नाम से सपने में भी कांपता था अकबर....

Updated on 11 May, 2016, 1:45
यूं तो हिंदुस्‍तान की सरजमीं पर एक से एक जाबांज योद्धा, और रणबांकुरे हुए, जिन्‍होंने अपनी तलवार के बल पर बाहरी आक्रांताओं, विदेशी शत्रुओं से अपनी मातृभूमि की रक्षा की। मुगलों सहित विदेशियों के सत्‍ता विस्‍तार को रोकने में अपनी वीरता और हिम्‍मत का बेहद साहसी परिचय दिया। फिर चाहे... Read More