Tuesday, 22 October 2019, 12:33 PM

धर्म-संस्कृति

सुखमय जीवन के लिए वास्तु के अनुसार रहे श्यनकक्ष 

Updated on 5 September, 2019, 6:15
विवाहित जीवन में सभी सुख की कामना करते हैं पर कई बार धन संपदा और सारे वैभव होते हुए भी नवविवाहित दम्पति के बीच में तालमेल नहीं बैठ पाता और अलगाव तक की नौबत आ जाती है। ऐसे में एक देखना चाहिये कि कहीं कोई वास्तु दोष तो नहीं है।... Read More

भगवान गणेश को नहीं चढ़ती तुलसी  

Updated on 5 September, 2019, 6:00
भगवान गणेश की पूजा में कभी भी तुलसी का इस्तेमाल नहीं होता। पद्मपुराण आचाररत्न में भी लिखा है कि ‘न तुलस्या गणाधिपम’ अर्थात् तुलसी से गणेश जी की पूजा कभी न करें। इसके पीछे भी पौराणिक कथा है। गणेश जी ब्रह्मचारी रहना चाहते थे, पर उन्हें तुलसी के कारण ही... Read More

नदियों के तट पर बसे हिन्दुओं के प्रमुख तीर्थ, जरूर जाएं दर्शन करने

Updated on 4 September, 2019, 6:45
हिन्दुओं के तीर्थ, मठ और प्रमुख मंदिर नदियों के तट पर बसे हुए हैं। पहाड़ों में खासकर शक्तिपीठ और गुफा आश्रमों की संख्या ही अधिक है। आओ जानते हैं नदी के तट पर बसे हिन्दुओं के प्रमुख तीर्थों के नाम। 1.श्रृंगेरी शारदाबा मंदिर मंठ : कर्नाटक की तुंगा नदी के किनारे... Read More

गणपति पर्व से जुड़ा देश के स्वराज का गर्व

Updated on 4 September, 2019, 6:15
गणपति हिन्दुओं के आदि आराध्य देव होने के साथ-साथ प्रथम पूज्यनीय भी हैं। किसी भी तरह के धार्मिक उत्सव, यज्ञ, पूजन, सत्कर्म या फिर वैवाहिक कार्यक्रमों में सभी के निर्विघ्न रूप से पूर्ण होने की कामना के लिए विघ्नहर्ता हैं और एक तरह से शुभता के प्रतीक भी। ऐसे आयोजनों... Read More

एकता में भाषा भी अवरोध

Updated on 4 September, 2019, 6:00
भाषा, जो दूसरों तक अपने विचारों को पहुंचाने का माध्यम है, उसे भी राष्ट्रीय एकता के सामने समस्या बनाकर खड़ा कर दिया जाता है. अपनी भाषा के प्रति आकषर्ण होना अस्वाभाविक नहीं है और मातृभाषा व्यक्ति के बौद्धिक विकास का सशक्त माध्यम बन सकती है, इसमें कोई संदेह नहीं. पर... Read More

अनादि देवता हैं श्री गणेश 

Updated on 3 September, 2019, 6:15
शिवपार्वती ने भी विवाह के समय गणेश वंदना की थी  मुनि अनुसासन गणपतिहि पूजेऊ संभु-भवानी  कोई सुनै संसय करें। जबि सुर अनादि जियँ जानि।   रामचरित मानस के बालकाण्ड का यह दोहा है। इसमें यह वर्णित है कि मुनियों की आज्ञा सुनकर शिव पार्वती ने प्रथम पूज्य गणेश जी की पूजा की। यह... Read More

 राष्ट्रीय एकता में बाधक तत्व 

Updated on 3 September, 2019, 6:00
आर्थिक और सामाजिक असमानता राष्ट्रीय एकता में बहुत बड़ी बाधा है। उस असमानता का मूल है अहं और स्वार्थ। इसलिए राष्ट्र की भावात्मक एकता के लिए अहं-विसर्जन और स्वार्थ-विसर्जन को मैं बहुत महत्व देता हूं। जातीय असमानता भी राष्ट्रीय एकता का बहुत बड़ा विघ्न है। उसका भी मूल कारण अहं... Read More

गणेश शुभकर्ता हैं,पूज्य हैं व अनिष्टनाशक हैं 

Updated on 2 September, 2019, 6:45
गणपति आदिदेव हैं जिन्होंने हर युग में अलग अवतार लिया है। उनकी शारीरिक संरचना में भी विशिष्ट व गहरा अर्थ निहित है। शिवमानस पूजा में श्री गणेश को प्रणव (ॐ) कहा गया है। इस एकाक्षर ब्रह्म में ऊपर वाला भाग गणेश का मस्तक, नीचे का भाग उदर, चंद्रबिंदु लड्डू और... Read More

मन की शक्ति 

Updated on 2 September, 2019, 6:00
मन को जीवन का केंद्रबिंदु कहना असंभव नहीं है। मनुष्य की प्रियाओं, आचरणों का प्रारंभ मन से ही होता है। मन तरह-तरह के संकल्प, कल्पनाएं करता है। जिस ओर उसका रुझान हो जाता है उसी ओर मनुष्य की सारी गतिविधियां चल पड़ती है। जैसी कल्पना हो उसी के अनुरूप प्रयास-पुरुषार्थ... Read More

माता पार्वती जब शिशु गणेश को छोड़ आई जंगल में, पढ़िए पौराणिक कथा

Updated on 1 September, 2019, 6:15
कहते हैं कि एक घने जंगल में शिशु गणेश को माता पार्वती छोड़कर चली गई। उस जंगल में हिंसक जीव ही घूमते रहते थे। वहां कभी कभार ऋषि मुनि भी उस जंगल से गुजरते थे। उस भयानक जंगल में एक सियार ने उस शिशु को देखा और वह उसके पास... Read More

कर्त्तव्य को बनाएं सर्वोपरि लक्ष्य 

Updated on 1 September, 2019, 6:00
अध्यापक ने विद्यार्थियों से पूछा- ‘रामायण और महाभारत में क्या अंतर है?’ विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी समझ के अनुसार उत्तर दिए। अध्यापक को संतोष नहीं हुआ। एक विद्यार्थी ने अनुरोध किया- ‘आप ही बताइए’ अध्यापक बोला-रामायण और महाभारत में सबसे बड़ा अंतर है ‘हक-हकूक’ का। रामायण में राम ने अपना अधिकार... Read More

दक्ष प्रजापति क्यों नहीं चाहते थे कि सती का विवाह शिव से हो, पढ़िये 2 पौराणिक कथा

Updated on 31 August, 2019, 6:30
पुराणों के अनुसार दक्ष प्रजापति परमपिता ब्रह्मा के पुत्र थे, जो कश्मीर घाटी के हिमालय क्षेत्र में रहते थे। प्रजापति दक्ष की दो पत्नियां थीं- प्रसूति और वीरणी। प्रसूति से दक्ष की 24 कन्याएं थीं और वीरणी से 60 कन्याएं। इस तरह दक्ष की 84 पुत्रियां थीं। समस्त दैत्य, गंधर्व,... Read More

ईसाई और इस्लाम से पहले धरती पर ये 15 धर्म प्रचलित थे, जो जुड़े हैं हिन्दुत्व से

Updated on 31 August, 2019, 6:15
प्रारंभ में लोग जंगली जीवन यापन करते थे। धर्म के नाम पर हजारों धर्म धर्म ऐसे थे जिनमें प्रकृति, पूर्वजों और कई काल्पिनिक देवों की पूजा करते थे। हर कबीले या समूदाय का अपना अलग देव था। लेकिन जैसे जैसे समझ बढ़ी तो धर्म का विकास होने लगा। नियम बनने... Read More

साधना और सुविधा 

Updated on 31 August, 2019, 6:00
आसक्ति के पथ पर आगे बढ़ने वाले अपनी आकांक्षाओं को विस्तार देते हैं। उनकी इच्छाओं का इतना विस्तार हो जाता है, जहां से लौटना संभव नहीं है। उस विस्तार में व्यक्ति का अस्तित्व विलीन हो जाता है। फिर वह अपने लिए नहीं जीता। उसके जीवन का आधार पदार्थ बन जाता... Read More

भारत के 11 बड़े आश्रम, जहां जाने के लिए मरते हैं विदेशी

Updated on 30 August, 2019, 6:15
इस वक्त दुनियाभार में लोग हिन्दू धर्म के ध्यान, ज्ञान और योग के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। वे सुख, शांति और मोक्ष की तलाश में भारत आ रहे हैं। अमेरिका, योरप, रशिया, अरब और अफ्रीका के लाखों लोग प्रतिवर्ष भारत के प्रमुक आश्रमों में आते हैं और शांति और... Read More

 प्रेम और सहयोग का नाम है परिवार  

Updated on 30 August, 2019, 6:00
पारिवारिक सदस्यों के त्याग, सहयोग, स्वच्छता, प्रेम, संतुष्टि व व्यसनमुक्ति से ही परिवार संयुक्त और समृद्घिशाली बनता है। वे सौभाग्यशाली हैं जो संयुक्त परिवार में रह रहे हैं तथा जिन्हें माता -पिता का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है। विश्व बंधुत्व की बात करने वालों को पहले अपने परिवार में बंधुत्व... Read More

कर्म के पाप-पुण्य में फंस जाता है जीव  

Updated on 29 August, 2019, 7:15
ईश्वर क्षेत्रज्ञ या चेतन है, जैसा कि जीव भी है, लेकिन जीव केवल अपने शरीर के प्रति सचेत रहता है, जबकि भगवान समस्त शरीरों के प्रति सचेत रहते हैं। चूंकि वे प्रत्येक जीव के हृदय में वास करने वाले हैं, अतएव वे जीवविशेष की मानसिक गतिशीलता से परिचित रहते हैं।... Read More

अग्नि तत्व से जुड़ीं राशि वाले होते हैं ऊर्जावान  

Updated on 29 August, 2019, 7:00
आमतौर पर देखा जाये तो किसी भी मनुष्य के स्वभाव पर उसकी राशियों का बेहद प्रभाव पड़ता है।  ज्योतिष में तीन राशियां अग्नि तत्व की राशियां मानी जाती हैं। ये राशियां हैं - मेष सिंह और धनु। इन राशियों के अंदर ऊर्जा और अग्नि काफी मात्रा में होती है। इन राशियों... Read More

विघ्नहर्ता गजानन की पूजा से दूरे होते हैं वास्तुदोष  

Updated on 29 August, 2019, 6:45
वास्तु दोष से मुक्त सुन्दर व अच्छा घर बनाना या उसमें रहना हर व्यक्ति की इच्छा होती है पर थोड़ा सा भी वास्तु दोष आपको काफी कष्ट दे सकता है लेकिन वास्तु दोष निवारण के महंगे उपायों को अपनाने से पहले विघ्नहर्ता गजानन के आगे मस्तक जरूर टेक लें क्योंकि... Read More

कुंडली दोष के लिए करें ये उपाय  

Updated on 29 August, 2019, 6:30
अगर आपकी कुंडली में किसी प्रकार का दोष है तो शुक्रवार को किए गए कुछ उपाय दोष से छुटकारा दिला सकते हैं। कुंडली में शुक्र अशुभ हो, तो वैवाहिक जीवन में सुख नहीं मिल पाता है। यहां जानिए कुछ ऐसे उपाय जो शुक्रवार को करना चाहिए, जिनसे लक्ष्मी कृपा मिल... Read More

12 अमावस्या के नाम और सावधानियां

Updated on 28 August, 2019, 6:45
चन्द्रमा की 16वीं कला को 'अमा' कहा गया है जिसमें चन्द्रमा की 16 कलाओं की शक्ति शामिल है। अमा के अनेक नाम आए हैं, जैसे अमावस्या, सूर्य-चन्द्र संगम, पंचदशी, अमावसी, अमावासी या अमामासी। अमावस्या के दिन चन्द्र नहीं दिखाई देता अर्थात जिसका क्षय और उदय नहीं होता है उसे अमावस्या कहा... Read More

सुख की उपेक्षा क्यों?  

Updated on 28 August, 2019, 6:00
मेरे पास लोग आते हैं। जब वे अपने दुख की कथा रोने लगते हैं, तो बड़े प्रसन्न मालूम होते हैं। उनकी आंखों में चमक मालूम होती है। जैसे कोई बड़ा गीत गा रहे हों! अपने घाव खोलते हैं, लेकिन लगता है जैसे कमल के फूल ले आए हैं। सुख की... Read More

क्या हिन्दुओं को हिन्दू नाम ईरानी मुस्लिमों ने दिया?

Updated on 27 August, 2019, 6:30
हिन्दू शब्द के बारे में बहुत से लोगों में भ्रम है और बहुत से लोग भ्रम फैलाने का कार्य भी करते हैं। आज हम जानेंगे कि क्या सही है।  - ऋग्वेद में कई बार सप्त सिंधु का उल्लेख मिलता है। सिंधु शब्द का अर्थ नदी या जलराशि होता है इसी आधार... Read More

 सुख के स्वभाव में डूबो  

Updated on 27 August, 2019, 6:15
लगता है, आदमी दुख का खोजी है। दुख को छोड़ता नहीं, दुख को पकड़ता है। दुख को बचाता है। दुख को संवारता है; तिजोरी में संभालकर रखता है।   दुख का बीज हाथ पड़ जाए, हीरे की तरह संभालता है। लाख दुख पाए, पर फेंकने की तैयारी नहीं दिखाता। जो लोग... Read More

सत्ता और नैतिकता  

Updated on 26 August, 2019, 6:00
सत्ता के संचालन में शक्ति की अपेक्षा रहती है या नहीं, यह एक बड़ा प्रश्न है। शक्ति दो प्रकार की होती है- नैतिक शक्ति और उपकरण शक्ति। नैतिक शक्ति के बिना तो व्यक्ति सही ढंग से प्रशासन कर ही नहीं सकता। उपकरण शक्ति का जहां तक प्रश्न है, एक सीमा... Read More

इच्छाओं को समर्पित करते जाओ  

Updated on 25 August, 2019, 6:00
सभी इच्छाएं खुशी के लिए होती हैं। इच्छाओं का लक्ष्य ही यही है। किंतु इच्छा आपको कितनी बार लक्ष्य तक पहुंचाती है? इच्छा तुम्हें आनंद की ओर ले जाने का आभास देती है, वास्तव में वह ऐसा कर ही नहीं सकती। इसीलिए इसे माया कहते हैं। इच्छा कैसे पैदा होती... Read More

चैन से सोना है तो 'सोने' को कहें ना  

Updated on 24 August, 2019, 6:00
सोने की चमक सभी को आकर्षित करती है। इसी आकर्षण के कारण लोग अधिक से अधिक सोना खरीदने चाहते हैं। यह चाहत तब और भी बढ़ जाती है जब सोने की कीमत में अचानक थोड़ी गिरावट आती है। लोग इस मौका का लाभ उठाना चाहते हैं। आज कल बाजार में... Read More

सबसे बड़ा रहस्य, राधा भगवान श्रीकृष्ण की प्रेमिका थीं, पत्नी थीं या कुछ नहीं?

Updated on 23 August, 2019, 6:30
वर्तमान में राधा और कृष्ण के मंदिर बहुत मिल जाएंगे। वृंदावन में राधारानी का भव्य मंदिर है। कृष्ण के नाम के साथ राधा का ही नाम जुड़ा हुआ है। अब सवाल यह उठता है कि राधा जब श्रीकृष्ण के जीवन में इतनी महत्वपूर्ण थीं तो उन्होंने राधा से विवाह क्यों... Read More

नर या नारायण कौन थे 'राम'  

Updated on 23 August, 2019, 6:00
श्रीराम पूर्णत: ईश्वर हैं। भगवान हैं। साथ ही पूर्ण मानव भी हैं। उनके लीला चरित्र में जहां एक ओर ईश्वरत्व का वैचित्रमय लीला विन्यास है, वहीं दूसरी ओर मानवता का प्रकाश भी है। विश्वव्यापिनी विशाल यशकीर्ति के साथ सम्यक निरभिमानिता है। वज्रवत न्याय कठोरता के साथ पुष्यवत प्रेमकोमलता है। अनंत... Read More

खास है मराठा काल में बना यह मंदिर, मुगल शासन में भी खण्डित नहीं हुईं यहां की एक भी मूर्ति

Updated on 22 August, 2019, 14:45
हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक ऐसा अनोखा मंदिर है जिसके बारे में जानकार आप भी वहां एक बार दर्शन करने की इच्छा करने लगेंगे. इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां की दीवारों पर पत्थरों को तराश कर रामायण, महाभारत और कृष्ण लीला का चित्रण... Read More